
अगर आपका किसी के साथ एक रात का रिश्ता रहा हो और वही इंसान आपके कॉलेज में प्रोफेसर बनकर आ जाए, तो आपको क्या करना चाहिए?
रीवा को इस समय ऐसा लग रहा था मानो उसके ऊपर आसमान ही टूट पड़ा हो।
जैसे ही एक्साइटेड जूही ने अपना सिर नीचे किया, उसने देखा कि रीवा डेस्क पर पूरी तरह झुकी हुई है और उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ी हुई हैं।
"रीवा, क्या हुआ? तुम्हारा चेहरा इतना उदास क्यों हो गया?"
'काश, मैं इस बात को पूरी तरह झुठला पाती कि ऐसा कभी कुछ हुआ ही नहीं था... इसके लिए तो मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ।' रीवा ने मन ही मन सोचा।
"जूही..." रीवा ने बेहद भारी मन से बात की, "मैं बहुत बुरी तरह फंस गई हूँ। मेरा सच में कॉलेज से छुट्टी लेने का मन कर रहा है।"
"अरे, पर बात क्या है?" जूही के चेहरे पर हैरानी के साफ भाव थे।
ठीक उसी पल, पोडियम से एक बेहद मधुर और गंभीर आवाज गूंज उठी।
"प्लीज कीप सायलेंस।"
प्रोफेसर की आवाज़ और उस रात वाले अजनबी की आवाज़... दोनों एक जैसी थीं। रीवा, जिसे अब तक उम्मीद थी कि शायद वह कोई और होगा, इस आवाज को सुनते ही मानो एक बार फिर गहरे सदमे में डूब गई।
वह सचमुच वही आदमी था! हालांकि उस रात उसकी आवाज़ शराब के असर के कारण थोड़ी धीमी और भारी थी, फिर भी रीवा को अब पूरा यकीन हो चुका था कि प्रोफेसर ही वह आदमी हैं।
जैसे ही प्रोफेसर ने सबको चुप रहने को कहा, पूरी क्लास में पल भर में सन्नाटा छा गया। इतनी खामोशी थी कि मानो सुई भी गिर जाए तो आवाज आ जाए।
माइक के जरिए उस शख्स की जादुई आवाज पूरी क्लास में गूंजने लगी।
"चलिए, मैं अपना इंट्रोडक्शन दे देता हूँ। मेरा नाम युहान सिंघानिया है। आज से मैं आपको एनाटॉमी पढ़ाऊंगा।"
"वाह..."
"कितने हैंडसम हैं!"
जैसे ही प्रोफेसर युहान ने बोलना बंद किया, लड़कियों के मुंह से तारीफ की आहें निकलने लगीं।
'नहीं! ऐसा नहीं हो सकता!' इस पूरी क्लास में केवल रीवा ही थी, जो इस समय अपनी किस्मत पर रो रही थी।
उसके बगल में बैठी जूही तो कुछ ज्यादा ही एक्साइटेड थी। रीवा को लग रहा था कि जूही की चीखों से उसके कान के पर्दे ही फट जाएंगे।
पोडियम पर खड़े प्रोफेसर युहान ने अपना हाथ उठाकर शांत रहने का इशारा किया, और उसी पल सारे स्टूडेंट्स बिल्कुल चुप हो गए।
"यह तो मेरा इंट्रोडक्शन था। आज सबसे पहले हम एनाटॉमी के बेसिक के बारे में बात करेंगे।"
प्रोफेसर युहान ने पीपीटी चालू की और सीधे खड़े हो गए। उनकी बॉडी लैंग्वेज से एक अलग ही शालीनता और रुतबा झलक रहा था।
"एनाटॉमी मानव शरीर के आकार और उसकी बनावट का अध्ययन है। यह नग्न आंखों, माइक्रोस्कोप और इमेजिंग के जरिए अंगों और टिश्यूज (ऊतकों) के स्थान, उनके आपसी संबंधों को समझने में मदद करता है..."
उनकी शांत और सधी हुई आवाज क्लास में गूंज रही थी, और सारे स्टूडेंट्स अपनी जिंदगी में पहली बार इतने ध्यान से लेक्चर सुन रहे थे।
लेकिन रीवा चाहकर भी ध्यान नहीं लगा पा रही थी। उसे ऐसा महसूस हो रहा था मानो वह कांटों के बिस्तर पर बैठी हो। युहान की एक भी बात उसके दिमाग में नहीं घुस रही थी।
रीवा की यह छटपटाहट देखकर जूही ने उसके कान में फुसफुसाया, "क्या तुम्हें बवासीर हो गया है? तुम इतनी बेचैन क्यों हो रही हो?" जूही को सीधे बात करने की आदत थी।
रीवा पूरे समय डेस्क पर सिर झुकाए बैठी थी और ऊपर देखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। तभी अचानक उसकी पीठ में तेज दर्द हुआ, जिससे वह अनजाने में सीधी बैठ गई। और जैसे ही उसने अपना सिर उठाया, उसकी नजरें सीधे पोडियम पर खड़े प्रोफेसर युहान से टकरा गईं।
उस पल रीवा को लगा जैसे उसका दिल धड़कना ही भूल गया हो।
इसी बीच, लेक्चर दे रहे प्रोफेसर युहान भी एक पल के लिए ठिठक गए और उन्होंने ध्यान से उस दिशा में देखा जहां रीवा बैठी थी।
"क्या हुआ?"
"प्रोफेसर अचानक रुक क्यों गए?"
आस-पास के स्टूडेंट्स आपस में फुसफुसाने लगे।
जूही ने रीवा के कपड़े खींचते हुए धीरे से कहा, "रीवा, मुझे loyalty से लगता है कि प्रोफेसर सर सीधे तुम्हें ही देख रहे हैं?"
रीवा ने तुरंत होश संभालते हुए एक अजीब सी नकली मुस्कान बनाई और पीछे की तरफ देखने का नाटक करने लगी।
"अरे बिल्कुल नहीं! वह हमारे पीछे बैठे स्टूडेंट्स को देख रहे होंगे। शायद वे क्लास में मस्ती करते हुए पकड़े गए हैं।"
लेकिन पोडियम पर खड़े प्रोफेसर युहान की आँखों में एक पल के लिए घबराहट साफ देखी जा सकती थी। उनके जैसे गंभीर व्यक्ति के लिए ऐसा बर्ताव बेहद अजीब था। हालांकि, उन्होंने तुरंत खुद को संभाला और ऐसे लेक्चर जारी रखा जैसे कुछ हुआ ही न हो। बेशक, किसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि पेन पकड़े हुए उनके हाथ की उंगलियां तनाव के कारण सफेद पड़ गई थीं।
'क्या उन्होंने मुझे पहचान लिया? नहीं, मुझे नहीं लगता।' रीवा का दिल जोरों से धड़क रहा था। वह अंदर ही अंदर दुआ कर रही थी कि युहान को कुछ याद न हो।
'प्लीज भगवान, बस ऐसा नाटक करो कि आप मुझे नहीं जानते।' रीवा ने हाथ जोड़कर मन ही मन प्रार्थना की।
ठीक उसी पल, पोडियम से प्रोफेसर युहान की आवाज आई:
"तो... पीछे से तीसरी row में, राइट साइड से पांचवें नंबर पर जो स्टूडेंट ग्रे जैकेट में बैठी है, क्या वह प्लीज खड़ी होकर जवाब देगी?"
यह बिल्कुल सटीक निशाना था। रीवा के बचने का कोई रास्ता नहीं था।
सबकी निगाहें रीवा पर टिक गईं। उसने घबराते हुए एक बार फिर सिर उठाया, तो उसका सामना युहान की गहरी और तीखी नजरों से हुआ।
'मुझे इस वक्त अपनी ये जैकेट उतार देनी चाहिए थी!' रीवा ने सोचा। वह एक बिल्कुल सपाट चेहरा बनाकर अपनी सीट पर खड़ी हो गई।
युहान ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, "क्या आप मुझे थोड़ी देर पहले पूछे गए सवाल का जवाब देना चाहेंगी?"
रीवा, जो क्लास शुरू होने के बाद से ही अपनी ही दुनिया में खोई हुई थी, उसे खाक पता नहीं था कि सवाल क्या था। उसका दिमाग पूरी तरह सुन्न हो चुका था।
"सवाल क्या है?" रीवा बुदबुदाई।
क्लास के कुछ बच्चे दबी हुई हंसी हंसने लगे, लेकिन प्रोफेसर युहान ने बड़े धैर्य से कहा:
"पैराफिन सेक्शन स्टेनिंग मेथड्स में सबसे कॉमन स्टेनिंग METHOD कौन सा है? मैंने अभी कुछ मिनट पहले ही इसका जिक्र किया था।"
रीवा ने नजरें नीची कीं और जूही की तरफ मदद की गुहार लगाई। जूही खुद जोर से बोल नहीं सकती थी, इसलिए उसने सिर्फ अपने होंठ हिलाकर जवाब बताने की कोशिश की। लेकिन रीवा को कुछ समझ नहीं आया।
रीवा ने बेहद शर्मिंदा होकर जवाब दिया, "सर, मुझे नहीं पता।"
प्रोफेसर युहान ने बेहद शांत लेकिन गंभीर भाव से रीवा को देखा, "आपका नाम क्या है?"
यह सुनते ही रीवा के होश उड़ गए। उसे लगा कि प्रोफेसर का असली मकसद शायद उसका नाम जानना ही था। रीवा का मन हुआ कि वह कोई नकली नाम बता दे, लेकिन इतनी हिम्मत नहीं थी।
उसने डरते-डरते जवाब दिया, "सर, मेरा नाम रीवा रंधावा है।"
प्रोफेसर युहान की आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई।
“मिस रीवा।”
यह सुनकर रीवा के रोंगटे खड़े हो गए। उसने प्रोफेसर की आँखों में देखने की हिम्मत पूरी तरह खो दी थी।
"आप पहली ही क्लास में बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही हैं। क्लास खत्म होने के बाद मेरे केबिन में आइए।"
रीवा का दिल रो पड़ा। उसने धीरे से कहा, "जी, सर।"
रीवा जैसे ही सीट पर बैठी, उसे लगा कि वह शर्म के मारे वहीं जमीन में धंस जाए।
"रीवा, इतना मत डरो। प्रोफेसर युहान काफी सुलझे हुए और दयालु लग रहे हैं। तुम्हें ज्यादा डांट नहीं पड़ेगी," जूही ने उसे दिलासा देते हुए कहा।
लेकिन रीवा अंदर से कांप रही थी। 'दयालु? बिस्तर पर तो तुम जरा भी दयालु नहीं थे!' उसने मन ही मन सोचा।
जूही ने चुटकी लेते हुए आगे कहा, "और सोचो, अगर तुम प्रोफेसर के केबिन में जाओगी, तो तुम्हें उनके साथ थोड़ा और वक्त बिताने का मौका मिलेगा। यह तो कितनी अच्छी बात है!"
रीवा को ऐसा कोई मौका नहीं चाहिए था, भले ही बाकी लड़कियां इसके लिए तड़प रही हों।
आखिरकार वह दम घोटने वाली क्लास खत्म हुई और प्रोफेसर युहान बाहर चले गए। उनके जाते ही क्लास में शोर मच गया। हर कोई इसी बात की चर्चा कर रहा था कि नए प्रोफेसर कितने हॉट हैं और उनकी आवाज कितनी जादुई है।
आम दिनों में रीवा भी इन बातों में शामिल होती, पर आज उसमें मुस्कुराने तक की ताकत नहीं थी।
"जूही," रीवा ने जूही का हाथ पकड़ा और बेहद गंभीर होकर बोली, "अगर आज मुझे कुछ हो गया... तो प्लीज मेरे फोन and लैपटॉप की सारी इंटरनेट हिस्ट्री डिलीट कर देना।"
इतना कहकर रीवा एक शहीद की तरह भारी कदमों से केबिन की तरफ बढ़ गई।
जूही उसे जाते हुए हैरान होकर देखती रही, 'अरे, सिर्फ प्रोफेसर से मिलने ही तो जा रही है, ऐसे क्यों बिहेव कर रही है जैसे कभी लौटकर ही नहीं आएगी? ज्यादा से ज्यादा सर क्लास में ध्यान देने की नसीहत ही तो देंगे!'
कांपते दिल के साथ प्रोफेसर के केबिन के सामने खड़ी रीवा ने दरवाजा खटखटानी के लिए हाथ उठाया, पर डर के मारे फिर नीचे कर लिया। दो-तीन बार ऐसा करने के बाद, उसने आखिरकार खुद को संभाला।
'जो होना है, वो होकर रहेगा। इसे जितनी जल्दी खत्म कर लूं, उतना अच्छा है। और वैसे भी, अगर मैं साफ मुकर जाऊं, तो उनके पास क्या सबूत है कि उस रात वाली लड़की मैं ही थी?'
रीवा ने एक गहरी सांस ली और दरवाजे पर नॉक किया। तुरंत ही अंदर से प्रोफेसर युहान की वही गंभीर और सुरीली आवाज आई:
"कम इन।"
रीवा ने जैसे ही दरवाजा खोला... और अंदर कदम रखा, उसका दिल इतनी जोर से धड़कने लगा मानो सीना चीरकर बाहर आ जाएगा।
To be continued.....


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