
कपूर मैंशन — रात 9 बजे
कपूर मैंशन के मेन गेट पर गाड़ी के रुकते ही स्वाती लगभग भागती हुई बाहर निकली। उसके चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई दे रही थी। साँसें तेज़ थीं और उँगलियाँ अब भी आपस में बुरी तरह उलझी हुई थीं।

कपूर मैंशन — रात 9 बजे
कपूर मैंशन के मेन गेट पर गाड़ी के रुकते ही स्वाती लगभग भागती हुई बाहर निकली। उसके चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई दे रही थी। साँसें तेज़ थीं और उँगलियाँ अब भी आपस में बुरी तरह उलझी हुई थीं।
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