
अभिनव का बाथरूम — रात 11 बजे,
अभिनव को अपनी तरफ बढ़ते देखकर स्वाती का दिल इतनी तेज़ी से धड़कने लगा कि उसे लगा जैसे उसका सीना फट जाएगा। उसकी साँसें गले में अटक गईं। वो दीवार से लगी खड़ी थी और उसकी आँखें लगातार अभिनव के चेहरे पर टिकी थीं।

अभिनव का बाथरूम — रात 11 बजे,
अभिनव को अपनी तरफ बढ़ते देखकर स्वाती का दिल इतनी तेज़ी से धड़कने लगा कि उसे लगा जैसे उसका सीना फट जाएगा। उसकी साँसें गले में अटक गईं। वो दीवार से लगी खड़ी थी और उसकी आँखें लगातार अभिनव के चेहरे पर टिकी थीं।
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