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अभिनव का शक और आध्या का कॉल

लिविंग रूम में एक बार फिर सन्नाटा छा गया। कुछ पल तक किसी ने कुछ नहीं कहा। कमरे में मौजूद हर शख्स जैसे अपने-अपने ख्यालों में उलझा हुआ था। रीतिका के पिता ने उसकी तरफ देखा। उनके चेहरे पर गुस्से से ज्यादा चिंता और डर साफ दिखाई दे रहा था।

रीतिका तुरंत बोल पड़ी, “पापा, उसे आज तक कुछ पता नहीं चला है। तो आगे जाकर भी उसे कुछ पता नहीं चलेगा।”

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